| बाल गजल-१ |
| निश्छल-निर्मल कोमल बचपन |
| धिया-पुता केर अलगहिं जीवन |
| चलैत रहछि सभके अंतर्मन |
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भावक अजबहिं कूटन - पीसन
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| छै देह लेढायल मोन ई कंचन |
| कमल-फूल सन लागै अनमन |
| क्षण ठिठियै क्षण कानै अनढन |
| चट सलाह आ झट द अनबन |
| बस टांट सोहारी बसिया तीमन |
| उठि भोरहरबा सभ सँ नीमन |
| इस्कूल सँ बचबा लेल धरछन |
| नीक लगई छई मरुआ मीरन |
| कितकित पाड़ल सगरो आँगन |
| चईत-कबड्डी मुँह में सदिखन |
| हो मेघ-सुरुज या चान-तरेगन |
| जहि पर हाथ धेलक से अप्पन |
| "नवल"कथी फुरि जेतय कक्खन |
| बाल-मनक नै किछु परिसीमन |
| --- वर्ण- १३ --- |
| (सरल वर्णिक बहर) |
| ►नवलश्री "पंकज"◄ |
| < ०४.०४.२०१२ > |
Saturday, 23 June 2012
बाल गजल
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